Shudh amrit
A2 Milk Benefits
एक चर्चा का विषय प्रायः गोमाता के दूध के संबंध में रहता है की गोमाता का दूध पतला होता है हम हमेशा इस अमृत की तुलना भैस के दूध से करते है। जो कि तुलना योग्य नही है। गोमाता का दूध अमृत है आप सभी जानते है कि आज अधिकांश आबादी ह्रदय रोग तथा मोटापा तथा फैटी लिवर का शिकार है।
इन सब रोगों से बचने के लिए डॉक्टर स्वयं मलाई नही खाने की सलाह देते है। कारण मूख्यतः यह है कि फैट के उपभोग के मुकाबले हमारा शारीरिक श्रम नही के बराबर है। जबकि गोमाता के अमृत से ऐसी कोई भी परेशानी नही होती है।
इंदौर के अधिकांश व्यापारी गिर गाय के दूध में 20% तक फैट के लिए भैस का दूध मिलाते है। जो हम कभीं भी अपनी गोशाला में नही करेंगे।
हम गोमाता के आहार में जरूर प्रोटीन की मात्रा बड़ा रहे है ताकि आप को गाय के दूध में प्राकृतिक फैट मिले।
आये हम गोमाता के दूध के गुणो को जाने और लोगों तक प्रचार प्रसार करे।
आये हम गोमाता के दूध के गुणो को जाने और लोगों तक प्रचार प्रसार करे।
1. कोलेस्ट्रोल की मात्रा भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में अधिक होता है और यह पीसीओडी, हाइपरटेंशन, किडनी रोग और मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए हानिकारक होता है।
अतः गोमाता का दूध अमृत है।
2.प्रोटीन की मात्रा भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है और यह अंतर 10-11% तक होता है। इसमें मौजूद अधिक प्रोटीन के कारण बच्चों और बूढ़ों तथा शहरी लोगो के लिए इसे पचा पाना मुश्किल हो जाता है। तथा गाय का दूध पाचन के लिए एक दम उत्तम होता है
3.नींद में गाय का दूध सहायक प्राकृतिक रूप से नींद लाने की क्षमता गाय के दूध में अधिक होती है इसलिए यदि आप चैन से सोना चाहते हैं तो गाय का दूध पीकर सोएं।
4.गाय का दूध पित्त के लिए फायदेमंद गाय के दूध से बना हुआ घी पित्त को शांत करता है और पाचन शक्ति बढ़ाता है वहीं भैंस के दूध से बना हुआ घी कफ बढ़ाता है।
5.रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भी गाय का दूध काफी फायदेमंद माना जाता है। वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार गाय के दूध में प्रोबायोटिक्स पाए जाते हैं। यह ऐसे प्रोबायोटिक्स होते हैं जो इम्यून सेल्स को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं जिससे हमारी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचे रहने के लिए आप गाय के दूध का सेवन कर सकते हैं।
6.जिन लोगों को बाल झड़ने की समस्या है उनके लिए गाय का दूध काफी फायदेमंद साबित होगा। बाल झड़ने की समस्या तब उत्पन्न होती है जब व्यक्ति के शरीर में विटामिन-डी और जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इन पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा गाय के दूध में पाई जाती है। इसलिए गाय के दूध के जरिए उन पोषक तत्वों का सेवन करके बालों को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और बालों का झड़ना भी काफी हद तक कम हो सकता है।
7. डिस्लेक्सिया एक ऐसी बीमारी है जो एकाग्रता की कमी कर देती है। इसके लक्षण को इस तरह भी समझा जा सकता है कि इससे ग्रसित लोग किसी भी चीज को पढ़ने में काफी परेशानी का सामना करते हैं। यह एक प्रकार का मेंटल डिसऑर्डर कहा जाता है। गाय के दूध पीने वाले लोग इसकी चपेट में आने से बचे रह सकते हैं। इसका कारण यह है कि इस मस्तिष्क विकार से बचे रहने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड की जरूरत होती है जो गाय के दूध में पर्याप्त मात्रा में पाई जाती है।
8. यह बात तो हम सभी जानते हैं कि हड्डियों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बॉडी में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। इस दौरान हमें इस बात का भी खास ख्याल रखना होता है कि कहीं हम अधिक मात्रा में कैल्शियम का सेवन तो नहीं कर रहे हैं। वहीं, गाय के दूध में कैल्शियम की सामान्य मात्रा पाई जाती है। इसलिए गाय का दूध अगर नियमित रूप से पीया जाए तो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
9.नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार इस बात की पुष्टि भी की गई है। गाय के दूध में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह एक ऐसा पोषक तत्व है जो मानव शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। इसका सेवन करने से दिमाग की कार्य क्षमता में सुधार होता है और आप दिमाग संबंधित कई प्रकार के विकार से भी बचे रहते हैं। इसलिए आप अपने बच्चों को भी नियमित रूप से गाय का दूध पीने की सलाह दे सकते हैं।
10. जरूरत होती है। यह कई प्रकार के खाद्य पदार्थों में पाई जाती है। गाय के दूध में भी विटामिन-ए पर्याप्त रूप से मौजूद होता है। इसलिए जो लोग आंखों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या से बचे रहना चाहते हैं और देखने की क्षमता को सुधारना चाहते हैं तो उनके लिए गाय के दूध का सेवन लाभदायक साबित हो सकता है। ऐसे लोग नियमित रूप से गाय के दूध का सेवन करके अपनी आंखों की दृष्टि क्षमता को बढ़ा सकते हैं।